कंठ का कायोत्सर्ग
------------------
शरीर, वाणी, मन और भाव इन चारों पर
कायोत्सर्ग का प्रयोग किया जा सकता है |
मौन करनेवाले तथा मानसिक शांति की
चाह करने वाले व्यक्ति के लिए कंठ का
कायोत्सर्ग बहुत महत्वपूर्ण है |
इससे स्वरयंत्र की सक्रियता कम होती है |
सक्रियता की अवस्था में विचार, विकल्प
पैदा होते रहते हैं |
निष्क्रियता की अवस्था में वे शांत हो जाते हैं |
------------------
शरीर, वाणी, मन और भाव इन चारों पर
कायोत्सर्ग का प्रयोग किया जा सकता है |
मौन करनेवाले तथा मानसिक शांति की
चाह करने वाले व्यक्ति के लिए कंठ का
कायोत्सर्ग बहुत महत्वपूर्ण है |
इससे स्वरयंत्र की सक्रियता कम होती है |
सक्रियता की अवस्था में विचार, विकल्प
पैदा होते रहते हैं |
निष्क्रियता की अवस्था में वे शांत हो जाते हैं |
No comments:
Post a Comment