Thursday, July 11, 2013

दर्द एक, अनुभूति अनेक

दर्द एक, अनुभूति अनेक
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३ व्यक्ति हैं -
तीनों के फोड़ा हो गया |
क्या तीनों के समान दर्द हो रहा है ?
एक व्यक्ति दिन भर पीड़ा का रोना रोयेगा |
दूसरा अपना काम करेगा, उसे पचास प्रतिशत अनुभूति होगी |
तीसरा अन्यत्व अनुप्रेक्षा का साधक है, 
उसे दर्द की अनुभूति १० प्रतिशत भी मुश्किल से होगी |
- आचार्य श्री महाप्रज्ञजी 

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