सर्दी और गर्मी,
भूख और प्यास
ये सारे द्वंद्व हैं |
द्वंदों को सहन करने का नाम है ' तितिक्षा '|
सारे वातावरण में द्वंद्व भरे हुए हैं |
जब तक उनको सहन करने की क्षमता नहीं बढती,
तब तक व्यक्ति सुख का जीवन नहीं जी सकता |
भूख और प्यास
ये सारे द्वंद्व हैं |
द्वंदों को सहन करने का नाम है ' तितिक्षा '|
सारे वातावरण में द्वंद्व भरे हुए हैं |
जब तक उनको सहन करने की क्षमता नहीं बढती,
तब तक व्यक्ति सुख का जीवन नहीं जी सकता |
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