' गीता ' का अर्जुन कुरुक्षेत्र में समरांगण में क्लीव होता है
तो ' सम्बोधि ' का मेघकुमार साधना की समर भूमि में क्लीव बनता है |
' गीता ' के गायक योगिराज कृष्ण हैं
और
' सम्बोधि ' के गायक है
भगवान महावीर |
अर्जुन का पौरुष जाग उठा
कृष्ण का उपदेश सुनकर
और
महावीर की वाणी सुन मेघकुमार की आत्मा चैतन्य से जगमगा उठी |
दीपक से दीपक जलता है |
एक का प्रश्न दुसरे को प्रकाशित करता है |
मेघ ने जो प्रकाश पाया,
वही प्रकाश यहाँ व्यापक रूप में है |
कभी-कभी ज्योति का एक कण जीवन को
ज्योतिर्मय बना देता है |
तो ' सम्बोधि ' का मेघकुमार साधना की समर भूमि में क्लीव बनता है |
' गीता ' के गायक योगिराज कृष्ण हैं
और
' सम्बोधि ' के गायक है
भगवान महावीर |
अर्जुन का पौरुष जाग उठा
कृष्ण का उपदेश सुनकर
और
महावीर की वाणी सुन मेघकुमार की आत्मा चैतन्य से जगमगा उठी |
दीपक से दीपक जलता है |
एक का प्रश्न दुसरे को प्रकाशित करता है |
मेघ ने जो प्रकाश पाया,
वही प्रकाश यहाँ व्यापक रूप में है |
कभी-कभी ज्योति का एक कण जीवन को
ज्योतिर्मय बना देता है |
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