कोई अपने आप को बूढा न माने |
लोग कहते थे कि साठ वर्ष का हो गया,
अब बुद्धि सठिया गयी |
ऐसी बातों पर ध्यान मत दो |
यह सर्वथा गलत धारणा है |
साठ-सत्तर वर्ष के बाद तो बुद्धि का विकास होना शुरू होता है |
कोई व्यक्ति निरंतर पढ़ेगा,
चिंतन करेगा,
मष्तिष्क से ज्यादा काम लेगा,
वह बूढा नहीं बनेगा |
जो मष्तिष्क से काम नहीं लेगा,
वह चालीस-पचास की उम्र में सठिया जाएगा |
मष्तिष्क की असीम शक्तियों को पहचानें |
दार्शनिक दृष्टि से हम कहता हैं -
आत्मा में अनंत शक्ति है |
वर्तमान जीवन की दृष्टि से हम कह सकते हैं -
मष्तिष्क में अनंत शक्ति है,
अगर उसका उपयोग करें तो................
- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी
लोग कहते थे कि साठ वर्ष का हो गया,
अब बुद्धि सठिया गयी |
ऐसी बातों पर ध्यान मत दो |
यह सर्वथा गलत धारणा है |
साठ-सत्तर वर्ष के बाद तो बुद्धि का विकास होना शुरू होता है |
कोई व्यक्ति निरंतर पढ़ेगा,
चिंतन करेगा,
मष्तिष्क से ज्यादा काम लेगा,
वह बूढा नहीं बनेगा |
जो मष्तिष्क से काम नहीं लेगा,
वह चालीस-पचास की उम्र में सठिया जाएगा |
मष्तिष्क की असीम शक्तियों को पहचानें |
दार्शनिक दृष्टि से हम कहता हैं -
आत्मा में अनंत शक्ति है |
वर्तमान जीवन की दृष्टि से हम कह सकते हैं -
मष्तिष्क में अनंत शक्ति है,
अगर उसका उपयोग करें तो................
- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी
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