Thursday, July 11, 2013

स्वभाव और विभाव !


स्वभाव और विभाव !
---------------------
स्वभाव अवस्था - आत्मा की ओर ले जाने वाली अवस्था है,
धर्म की ओर ले जाने वाली अवस्था है,
सदगति की ओर ले जाने वाली अवस्था है |
विभाव अवस्था - पदार्थ की ओर ले जाने वाली अवस्था है,
और आगे जाएं तो नीचे की ओर ले जाने वाली अवस्था है |
----------------
जो हमारा स्वभाव है, वही अध्यात्म है |
* हम स्वयं कसौटी कर लें कि
कब-कब स्वभाव में रहते हैं और
कब-कब विभाव में रहते हैं |
---------------------------
क्षमा हमारा स्वभाव है |
क्रोध हमारा विभाव है |
जब हम क्षमा में रहते हैं,
शांत रस की अनुभूति में रहते हैं,
आनंद का जीवन जीते हैं |
-------------------------
जब-जब क्रोध, उत्तेजना, आवेश रुद्र्ता -
ये स्थितियां आती हैं,
हमारी शान्ति गायब हो जाती है,
आनंद और सुख गायब हो जाता है |
एक निकृष्ट-सा जीवन जीने की अनुभूति होने लग जाती है |

No comments:

Post a Comment