Thursday, July 11, 2013

प्रसन्न कैसे रहे ?


जब हम आचार्य भिक्षु के जीवन पर दृष्टिपात करते हैं
तो पाते हैं कि अप्रिय घटनाएं उनके जीवन में बहुत आईं,
पर कभी उनका संतुलन नहीं बिगड़ा |
वे सदा प्रसन्न रहे |
जिनकी मति शुद्ध होती है,
वह प्रसन्न रह सकता है |
जिसकी मति शुद्ध और प्रतिबुद्ध नहीं होती,
वह प्रसन्न नहीं रह सकता |

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