बिना प्रयोजन चलते-फिरते किसी को मार डालना,
गाली देना, झगड़ा करना, ईर्ष्या करना, द्वेष करना,
वनस्पति को कुचलते हुए चलना, बत्ती को जलाकर छोड़ देना,
घी-तेल के बर्तनों को खुला छोड़ देना इत्यादि ऐसे अनेक काम हैं
जिनसे बचना या परहेज करना अहिंसा की दृष्टि से तो प्रशंसनीय है ही,
किन्तु व्यवहार-दृष्टि से भी अच्छा है |
No comments:
Post a Comment