काम, क्रोध, लोभ से क्या होता है ?
शरीर हमें कितना प्रभावित करता है ?
यदि हम शरीर के प्रभाव से बहुत प्रभावित रहेंगे
तो ( आत्मा भिन्न : शरीर भिन्न ) भेद विज्ञान का कोई अर्थ नहीं होगा |
शरीर के ३ दोष - वायु, पित्त और कफ बहुत प्रभावित करते हैं |
हमारी प्रवृत्तिओं का सबसे बड़ा संचालक तत्व है - वायु |
काम, शोक और भय से वायु कुपित होता है |
क्रोध से पित्त कुपित होता है |
लोभ से कफ कुपित होता है |
धर्म या कर्म में जो बाधाएं हैं,
वे इन्ही सब कारणों से आते हैं |
- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी
शरीर हमें कितना प्रभावित करता है ?
यदि हम शरीर के प्रभाव से बहुत प्रभावित रहेंगे
तो ( आत्मा भिन्न : शरीर भिन्न ) भेद विज्ञान का कोई अर्थ नहीं होगा |
शरीर के ३ दोष - वायु, पित्त और कफ बहुत प्रभावित करते हैं |
हमारी प्रवृत्तिओं का सबसे बड़ा संचालक तत्व है - वायु |
काम, शोक और भय से वायु कुपित होता है |
क्रोध से पित्त कुपित होता है |
लोभ से कफ कुपित होता है |
धर्म या कर्म में जो बाधाएं हैं,
वे इन्ही सब कारणों से आते हैं |
- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी
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