ठक-ठक ...
ठक-ठक !!!
अवसर हर व्यक्ति के द्वार पर दस्तक देता है |
कुछ व्यक्ति उसकी आहट को ही नहीं सुन पाते |
कुछ व्यक्ति सुनकर भी अनसुना कर देते हैं |
कुछेक व्यक्ति ही उस दिशा में प्रस्थान के लिए कदम उठाते हैं |
- आचार्य श्री महाप्रज्ञजी
ठक-ठक !!!
अवसर हर व्यक्ति के द्वार पर दस्तक देता है |
कुछ व्यक्ति उसकी आहट को ही नहीं सुन पाते |
कुछ व्यक्ति सुनकर भी अनसुना कर देते हैं |
कुछेक व्यक्ति ही उस दिशा में प्रस्थान के लिए कदम उठाते हैं |
- आचार्य श्री महाप्रज्ञजी
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