Saturday, July 13, 2013

अग्नि तत्व


अग्नि तत्व
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अग्नि तत्व का स्थान है तैजसकेंद्र ( मणिपुर चक्र ) |
रक्तवाहिनियों में आग्नेय परमाणु विद्दमान रहते हैं |
अग्नि तत्व का स्थान है अंगूठा |
तर्जनी अंगुली को अंगूठे से दबाने पर शरीर
में अग्नि तत्व सक्रिय होता है |
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ह्रदय और आंतों पर इस तत्व का नियंत्रण है |
इसकी अधिकता से कब्ज़, शरीर पर धब्बे आदि शारीरिक बीमारियां होती हैं |
इसकी कमी से छोटी आंत प्रभावित होती है |
यह तत्व भूख, प्यास, नींद और आलस्य को
दूर कर देदीप्यता प्रदान करता है |
इस तत्व की प्रधानता के समय कोई
निर्णय नहीं लेना चाहिए |
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२१ जून से २० सितम्बर तक शरीर में अग्नि तत्व की प्रधानता रहती है |
- आचार्य श्री महाप्रज्ञजी

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