बहुत कठिन है डगर पनघट की
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बहुत कठिन है रूचि को मोड़ना |
क्रिकेट हो उस दिन धर्म- स्थान भी खाली मिलेंगे,
ऑफिस, सडकें खाली मिलेगी |
व्यक्ति खाना-पीना भूल जायेगा |
मां रोटी खाने के लिए कहती-कहती थक जाती है |
सामने से कोई चीज उठाकर ले जाय तो उस पर ध्यान नहीं जाए |
- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी
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बहुत कठिन है रूचि को मोड़ना |
क्रिकेट हो उस दिन धर्म- स्थान भी खाली मिलेंगे,
ऑफिस, सडकें खाली मिलेगी |
व्यक्ति खाना-पीना भूल जायेगा |
मां रोटी खाने के लिए कहती-कहती थक जाती है |
सामने से कोई चीज उठाकर ले जाय तो उस पर ध्यान नहीं जाए |
- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी