Sunday, April 15, 2012

दीक्षा के समय

महात्मा महाप्रज्ञ 
दीक्षा के समय सरदारशहर में सेठ सुमेरमलजी दुगड़ के यहाँ से 
छोटी घोड़ी मंगाई गयी ,क्योंकि नथमल छोटा था 
श्री गणेशदासजी गधैया के परिवार ने इस प्रकार जिम्मा निभाया मानो उनके परिवार के कोई सदस्य दीक्षा ले रहा हो 
दीक्षा के बाद आचार्य कालूगणी ने मुनि नथमल को कहा 
" तुम जाओ, तुलछू ( मुनि तुलसी ) के पास सीखो "

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