आचार्य श्री महाप्रज्ञ का प्रिय सूत्र -
" असीसस्स नत्थी सीसा "
जो अच्छा शिष्य रहा है, वह कभी गुरु बन सकता है और उसके शिष्य बन सकते हैं |
किन्तु जो कभी शिष्य नहीं रहा, जिसने अनुशासन को कभी अंगीकार नहीं किया,
उसमें गुरु बनने की योग्यता या अर्हता कभी नहीं आती |
" नत्थी सीसा असीसस्स " - अशिष्य के कोई शिष्य नहीं होता |
" असीसस्स नत्थी सीसा "
जो अच्छा शिष्य रहा है, वह कभी गुरु बन सकता है और उसके शिष्य बन सकते हैं |
किन्तु जो कभी शिष्य नहीं रहा, जिसने अनुशासन को कभी अंगीकार नहीं किया,
उसमें गुरु बनने की योग्यता या अर्हता कभी नहीं आती |
" नत्थी सीसा असीसस्स " - अशिष्य के कोई शिष्य नहीं होता |
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