Sunday, April 15, 2012

मन लग गया ?

मन लग गया ?
महाप्रज्ञ जी और उनकी मां ने एक ही दिन दीक्षा ग्रहण की थी |
दीक्षा के दुसरे दिन सुबह बाल सुलभ स्वर में मां से कहा -
' मां ! मेरा तो साधुपन में मन लग गया, तुम्हारा भी लग गया ? '
साध्वीप्रमुखा कानकुमारी जी बोली -
' नान्हा साधुजी ! आपका मन लग गया तो इनका भी लग गया | '

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