पालर है या बाकल ?
आचार्य कालूगणी के सानिध्य में मुनि नथमल करीब ६ वर्ष रहे |
उस अवधी में जब कभी पालर ( मीठा ) और बाकल ( खारा ) पानी का निर्णय करना होता,
तब साध्वी जयकंवरजी बाल मुनि नथमल से कहती -
" नान्हा साधुजी आओ, देखो, पानी पालर है या बाकल ?"
नथमल के संसार पक्षीय घर में कुण्ड थी |
आचार्य कालूगणी के सानिध्य में मुनि नथमल करीब ६ वर्ष रहे |
उस अवधी में जब कभी पालर ( मीठा ) और बाकल ( खारा ) पानी का निर्णय करना होता,
तब साध्वी जयकंवरजी बाल मुनि नथमल से कहती -
" नान्हा साधुजी आओ, देखो, पानी पालर है या बाकल ?"
नथमल के संसार पक्षीय घर में कुण्ड थी |
No comments:
Post a Comment