Tuesday, January 12, 2016

ईर्ष्या से क्या हो सकता है ?

एक व्यक्ति के मन में दुसरे के प्रति ईर्ष्या का भाव है |
उसके प्रति जलन है 
तो उसे पेप्टिक अल्सर होने की सम्भावना होती है |
आदमी सोचेगा कि 
मैंने अपना खानपान ठीक रखा,
खाने में कोई गडबडी नहीं हुई,
तो फिर यह
पेप्टिक अल्सर मुझे कैसे हो गया ?
पेट में फोड़ा क्यों हुआ ?
बीमारी का सबसे बड़ा कारण है -
हमारा नकारात्मक भाव ( Negative Thinking )
ईर्ष्या, लोभ, मोह -
ये सब नकारात्मक भाव हैं |
इन्हें हिंसा की कोटि में भी रखा जा सकता है |
ये हमारे शरीर को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं |

- आचार्यश्री महाप्रज्ञजी 

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