मैं महाप्रज्ञ के साहित्य का प्रेमी पाठक हूँ -
अटल विहारी वाजपेयी
===============
१३ मई १९९४ !
अक्षय तृतीया का पावन पर्व !!
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए
श्री वाजपेयी ने कहा -
मैं महाप्रज्ञ के साहित्य का प्रेमी पाठक हूँ |
अपने भाषणों में इनकी कथाओं,
दृष्टान्तों और मौलिक विचारों का बहुत उपयोग करता रहा हूँ |
अटल विहारी वाजपेयी
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१३ मई १९९४ !
अक्षय तृतीया का पावन पर्व !!
विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए
श्री वाजपेयी ने कहा -
मैं महाप्रज्ञ के साहित्य का प्रेमी पाठक हूँ |
अपने भाषणों में इनकी कथाओं,
दृष्टान्तों और मौलिक विचारों का बहुत उपयोग करता रहा हूँ |
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