" लगन "
महानता का मन्त्र है -
" लगन "
एक लगन हो गई कि अच्छा विकास करना है |
महानता की वर्षा नहीं होती,
उसमें कहीं बादल नहीं होता |
कहीं बादल हुआ,
थोड़ी बूँदें आ गई,
ऐसा नहीं होता |
महानता तो अपने भीतर से आती है,
फिर वह बाहर प्रकट होकर सबको अहसास करा देती है |
महानता को हासिल करने के लिए लगन होनी चाहिए |
यह नहीं कि
आज कोई काम शुरू किया,
महीना दो महीना किया,
मन नहीं हुआ तो छोड़ दिया,
फिर कुछ किया,
फिर छोड़ दिया |
जो कभी छोड़ता है,
कभी पकड़ता है,
वह सफल नहीं हो सकता है,
आगे नहीं पहुंच सकता है |
महानता का मन्त्र है - " लगन "
इस पर हमारा ध्यान केंद्रित हो |
- आचार्य श्री महाप्रज्ञजी
No comments:
Post a Comment